Latest Post

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के मुख्य उद्देश्य

हमारे कार्य, हमारी उपस्थिति ही, हमारी पहचान है ...

1. किसी भी राजपूत (क्षत्रिय) चाहे वह आम हो या खास उसके/उनके साथ, हमारी कौम के साथ किसी भी तरह के राजनैतिक व सामाजिक द्वेष एवं जातीय पूर्वाग्रह षडयंत्र के चलते,
किसी भी तरह के दुर्व्यवहार उपेक्षा पक्षपातपूर्ण अनाचार होने पर पुरजोर विरोध करना,
उनका साथ देना, उनके पक्ष मे/ कौम के पक्ष में लामबंद हो खड़ा रहना, लड़ना संघर्ष करते हुए विजय हासिल करना |

2. हमारे गौरवमय इतिहास के साथ छेड़छाड़ और सिनेमा टीवी और अन्य किसी साधन के माध्यम से हो रही समाज की खराब की जा रही छवि का का आक्रामक विरोध कर सुधार करवाना |

3. ऐतिहासिक महापुरुषों के नाम मर्यादा गरिमा के साथ जुड़े किसी भी विवाद के विरुद्ध आवाज बुलंद करना |

4. सामाजिक मुद्दे पर समाज में एकजुटता स्थापित करने का प्रयास, कौम मे लोकतंत्र अनुरुप राजनीतिक चेतना का संचार करते,  राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करना |

5. सामजिक समरसता बनाये रखने और क्षत्रित्व कौम का नेतृत्व वर्चस्व कायम रखने हेतु 35 कौम को साथ लेकर चलना |

6. समाज की बालिकाओ में शिक्षा के लिए जागरूकता पैदा करना, बढ़ावा देना |

7. मातृशक्ति को हर जगह अग्रिम सम्मानित स्थान उपलब्ध करवाते हुए उन्हें बराबरी का दर्जा देना |

8. युवा वर्ग को मंच देना तथा समाज के प्रति उनकी सोच को सामने लाने का प्रयास करना युवाओं को परंपरागत  क्षत्रिय संस्कारो पर चलने की सीख प्रेरणा देते हुए, उन्हें नेतृत्व के लिए प्रोत्साहित करते सहयोग देना|

9. समय समय पर ऐतिहासिक महापुरुषो की जयंती मनाना, उनके नाम से भवन सड़क चौराहों का नामकरण करवाना, उनके नाम से सामुदायिक कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ और प्रोत्साहन सहयोग देना, कौम की भावी पीढ़ी रुप में युवाओ को उनके शौर्य और क्षत्रियोचित्त गुणो से रूबरू करवाते उन्हें कौम का आइडल प्रेरक पुरुष रुप में स्थापना करना, और उनके नाम से रक्तदान जैसे अन्य मानव कल्याणकारी शिविर आयोजित करना ।

10. वैदिक सनातन धर्म के रक्षक पालक रुप में कार्य, गो सेवा, गो रक्षा करना और असहाय की सहायता करना |

11. समाज की उभरती प्रतिभाओं को सम्मानित करना तथा उन्हें शिक्षा व रोजगार के क्षेत्र में मार्गदर्शन एवं समयानुकूल बेहतर कोचिंग फैकल्टी की व्यवस्था उपलब्ध  करवाना |

12. सबसे मुख्य रुप में समाज के बच्चों के भविष्य से जुड़े आरक्षण मसले पर फैसले तक, हक अधिकार की लड़ाई लड़ना | karnisena.com

सभी राष्ट्रीय करणी सैनिक इन उद्देश्यो को जीवन की प्रेरणा मानते हुवे कार्य करे,
और समाज में उक्त संगठन की उपस्थिति को सार्थक बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करे |

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना

कालवी साब व सुखदेव सा. राजपूताने के दोनों शेरो पर उँगकी ना उठाएं,

कालवी साब व सुखदेव सा. राजपूताने के दोनों शेरो पर उँगकी ना उठाएं, ये दुसरो की चाल है हमारी एकता में फूट डालने की।ओर वो कामियाब भी हो गये।
       कालवी साब को क्या पढ़ी की 50 लाख या 1 करोड़ खर्च कर के अपने ही भाई का स्टिंग ऑपरेशन करते।
ये तो भंसाली ओर जाटनी ने करवाया है।
वो भी  10-20 करोड़ खर्च कर के

हम अपनी ताकत व बुद्धि आपस में लड़ने में व एक दूसरे की बुराई करने में ही खर्च कर देते है
इतिहास भी यही था और वर्तमान भी यही है। -Myk
ओर इसका फायदा पहले मुगलो ने उठाया,
फिर अंग्रेजों ने,
फिर उन राजनेताओं ने जिन्होंने वादा कर के अपनी राजनीतिक रोटियां सेकी।

ओर अब हमारी आपसी फूट का लाभ कुछ स्वार्थी, मौका परस्त, अवसरवादी राजपूत समाज के ही लोग, राजनीतिक नेता, पार्टियां व दूसरे समाज के लोग ले रहे है।

अगर आप सच्चे क्षत्रिय कुल में जन्मे राजपूत है तो सबसे पहले किसी भी राजपूत की बुराई करना और सुनना दोनों ही छोड़ दे।
ओर उन राजपूतो का खुल कर विरोध करे जो राजपूतो में फुट डालने का काम करते है।

चाहे कालवी साब हो या सुखदेव सा दोनों को आपस मे लड़ाने वाली कोई ओर #जाटनी व #भंसाली है  ये बात हमे समझना बहुत जरूरी है ओर हमारे राजपूताने के दोनों शेरो *कालवी साब ओर सुखदेव सा पर कोई भी टिपण्णी व कमेंट ना करे*, वक्त आने पर सब पता चल जायेगा।

6-महीने पहले की स्टिंग को आज फ़िल्म के रिलीज के वक्त क्यों दिखाया गया ।

ये हमारी एकता के द्वारा हुए
चतरसिंह, जयपुर आरक्षण,आनंदपाल, सवर्दा आंदोलनों से घबराए हुए है।

कुछ तो समझो राजपूत भाइयो ।*

ओर राजपूतो की दो फाड़ से वे ही लोग खुश है जो राजपूत नही है। अब आप राजपूत  है तो दुःखी होंगे और या नही है तो खुश।

कु.मयंक प्रताप सिंह मुआलिया
              अध्यक्ष
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी, नरसिंहगढ़
       7566688843
www.karnisena.com
www.Karni-sena.blogspot.in

India's First freedom fighter Kunwar Chain singh of Narsinghgrah State in 1824 Ested


History of Kunwar Chain Singh ji “Amar Shaheed of Malwa”  

          The 1st and youngest ruler in india who Fight against East INDIA COMPANY in 1824 on His (Military station) called Chavni at SEHORE.  Kuwar Chain Singh ji married with Kuwrani RAJAWAT ji from Thikana-Muvaliya a Royal Thikana (Jageer) of Narsinghgarh State. Kuwar Chain singh ji’s Due to illness of his Father Rawat Sobhag Singhji,Prince Chain Singhji was in charge of the administration of the State.Prince Chain Singh ji was courageous, brave and intelligent.He was a highly self-respecting person.He ruled the State with a firm hand giving justice to one and all evenly.The People of Narsinghgarh State admired him and held him in high respect.Historical evidence says Prince Chain Singhji was
reluctant to acknowledge the supremacy of the East India Company. This irritated the Company and they were waiting to get to his jugular vein. In a planned murder one palace official named Vora who was returning from the palace was assassinated.
The Company held Prince Chain Singhji responsible behind the murder and asked him to leave the State and proceed to Banaras. The Prince refused to accept the murder charge and defied the Company. This was considered as rebellion by the East India Company. As a result a battle took place between Prince Chain singhji's forces and military of East India Company in 1824 at Sehore a town about 37 kilometer West of Bhopal. He fought valiantly and died in the battle at the age of 24 years.

Kunwar Chain Singh ji SAMADHI  

His Samadhi is situated near the battlefield.He is considered as “Amar Shaheed of Malwa” and as such recognized officially by the government of Madhya Pradesh. All communities go to his Samadhi and offer prayers and seek his blessings. Himmat Khan and Bahadur Khan, Jagirdars of Dhanora of Narsinghgarh State were killed along with him. Their tombs are built near the Samadhi of Prince Chain Singh ji at Sehor.

Kunwar Chain Singh ji Jayanti 

Every Year Government of Madhya Pradesh healed a Program on 24-july called Shaheed Kunwar Chain Singh ji jayanti Samaroh,where a Julus Starts from his SAMADHI at Char-Bag Narsinghgarh.

Kunwar Chain Singh Sagar DAM

A Beautiful DAM also named to Kunwar Chain Singh SAGAR DAM by Government of M.P.The DAM is 30km from City and Reached By a Road.

Kuwrani ji-Kunwar chain Singh ji's wife 

Kunwar Chain Singh ji married with Kuwrani Rajawat ji from Thikana Mualiya jageer a Royal Thikana of Narsinghgarh State just 3km away from city and forefather belongs from royal family Jaipur. After Veergati of Shaheed Kunwar Cahin singh ji his wife Kuwrani Rajawati ji took a Life time FAST without Food only takes (pado ke patte) and Make a Temple at Parsuram Sagar called “KAWRANI JI MANDIR“ for Pray to GOD.This temple near Narsingh-Dwar or closed to  chamapawat ji Temple.

Rani Lakshmi Bai of Jhansi ask for help

Rani Lakshmi Bai of Jhansi had heard about Prince Chain Singhji's rebellious attitude towards the East India Company and the battle he fought with the Company at Sehore in 1824.She decided to approach the Narsinghgarh State for help in the first war of Independence of 1857 against the Company to which the then Ruler of Narsinghgarh agreed.But unfortunately before Narsinghgarh could render any sort of help,the Rani was surrounded by the Company forces at Gwalior and she became a martyr. After the martyrdom of Rani Lakshmi Bai,Tatya Tope her close confidant and main supporter in the first struggle for Indian Independence of 1857 came to Narsinghgarh and was clandestinely kept by the Ruler in the thick forest of Kantora just behind the Fort Palace for quite a long time till he moved to another location to carry out his struggle.   www.karnisena.com  Source :- www.narsinghgarh.com  

लड़ाई जारी रहेगी एक मांग और जुड़ेगी जिन राजपूत भाइयो पर मुकदमे लगे है उन्हें सरकार वापिस ले

#आंदोलन जारी ही रहेगा जिन #राजपूत युवा भाइयो पर #मुकदमे लगाये हे उनके #मुकदमे वापसी ले #सरकार वरना #विधानसभा सत्र को फिर से #घेरेंगे व् राजस्थान के हर जिले में आंदोलन होगा। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी 

 #Sukhdev Singh Gogamedi ji


Image may contain: 3 people, people standing and outdoor



Image may contain: 2 people, people standing, crowd and outdoor


Image may contain: 1 person, on stage, crowd and outdoor
करणी सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी जी की सामान्य वर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकरविधान सभा घेराव व  समस्त स्वर्ण समाज से अपील।  

Upper castes led by Rajput Karni Sena demand reservation

Jaipur, March 3 
Demanding quota for upper castes, including Brahmin, Rajput and Vaishya, thousands of protesters led by Rajput Karni Sena on Friday indulged in stone-pelting and arson near the Vidhan Sabha when the House was in session.
After two-rounds of talks with the agitators, the Raje government sought more time to resolve the issue.

श्री राजपूत करणी सेना का गरीब सामान्य वर्ग के आरक्षण के लिए जयपुर में विशाल प्रदर्शन व विधानसभा घेराव



आज करणी सेना के संगर्ष की जीत हुई इसमें करणी सेना द्वारा मागी गयी निम्न प्रकार से सरकार ने मानी।  
  1.  रानी पदमनी मूवी पर राजस्थान में शूटिंग पर रोक। 
  2. चतुर सिंह हत्याकांड पर सीबीआई जांच होगी। 
  3. देवनारायण बोर्ड की तरह माहाराणा प्रताप बोर्ड का गठन होगा। 
  4. आर्थिक आधार आरक्षण पर सोमवार को राजस्थान सरकार केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी।  

Good News :- No show for padmavati till rajput leaders clear film says rajasthan ministe

No show for padmavati till rajput leaders clear film says rajasthan ministe

Read Full News Here :-
http://www.outlookindia.com/newswire/story/no-show-for-padmavati-till-rajput-leaders-clear-film-says-rajasthan-minister/966444

Rashtriya Karni Sena goes on rampage outside BJP office, assembly- TOI

TimesofIndia - 3 March JAIPUR: Several supporters of Rashtriya Karni Sena pelted stones at the BJP office in the city and later carried on protests outside the Vidhan Sabha on Friday. The protesters also vandalized a car and tore down posters and hoardings outside the office of the ruling front.

The incident took place at 2pm when several protesters, owing allegiance to Karni Sena, raised slogans demanding reservation for economically weaker section among upper castes in Rajasthan and began pelting stones at police pickets. The protesters, who were armed with sticks and iron rods, were pushed out from the area. They later gathered outside the Vidhan Sabha. 



"They broke the rear window of my car and hurled stones at our office. Some of our workers have also sustained injuries," said Jhabarmal Pareek, a BJP worker whose car was damaged in the incident.

The protesters, numbering 200, also broke the gates of Jyoti Nagar colony and tried to push through the police barricade. Senior police officials were called in and a three-tier security barricade was set up to prevent protesters from reaching the assembly building.

Jaipur police commissioner Sanjay Agarwal, deputy commissioners Ashok Gupta, Manish Agarwal and Ansuhman Bhomia were at the spot to control the situation. The angry mob also set a garbage pile on fire and demanded an immediate hearin  

Source :- http://timesofindia.indiatimes.com/city/jaipur/karni-sena-goes-on-rampage-outside-bjp-office-assembly/articleshow/57456961.cms

JOIN THE TEAM

 
Support : Creating Website | Johny Template | Mas Template
Copyright © 2013. KarniSena.com माँ करणी सेना Shri Rajput Karni Sena - All Rights Reserved
Template Created by Creating Website Published by Mas Template
Proudly powered by Blogger